साला जिंदगी में तकलीफें ऐसे जुड़ी हैं जैसे सूरज से रोशनी ,
जिंदगी ने सांसें लेना शुरू किया कि तकलीफें घेरनी शुरू कर दीं , जिंदगी जब तक सांसे लेती रहेगी तकलीफें तब तक आपके साथ पलती रहेंगी |
हम आप सब इन तकलीफों से लड़ रहे हैं जिंदगी को जी रहे हैं अपने -अपने तरीके से , कोई सांसो में आहें भर कर , कोई सड़क पर भीख मांग कर ,कोई व्यवसाय करके कोई दूसरों को मूर्ख बनाकर पर सब जी रहे हैं और कहे आसान है जीना बस जिये जाने की इच्छा रखो |
मैं कहता हूं जब तक जीने की इच्छा रखोगे तब तक कोई आपसे आपकी जिंदगी नहीं छीन सकता , बस हो सके तो थोड़ा सा ज्यादा चाहने की इच्छा को कम कर दो बस , बाकी सब तो आपकी किस्मत है और किस्मत वह तय करेगा जिसको तय करना है अब आप यह सोच रहे होंगे कि किस्मत यह कैसा नकारात्मक शब्द बोल दिया मैंने | किस्मत बताता हूं आपको |
कल बाजार के लिए निकला था तो चार पांच बच्चे सड़क पर हर आते जाते से कहते , दे दो ना भैया दे दो ना दीदी कुछ भी दे दो, ₹5 ही दे दो हम भी इतनी उम्र में थे तो अपने से बड़ों के पैर नहीं छूना चाहते थे | पापा कहते थे तो पैर छूना पड़ता था | इन को देखो हर एक से ये हाथ जोड़ रहे हैं शायद ये वही है जो अगले जन्म में किसी का सम्मान नहीं किए थे | यह जन्म उसी कर्ज को चुकता करने के लिए मिला है उन्होंने इस जिंदगी में ऐसा क्या गलत किया है पर देखो पैदा ही उस मां की कोख से हुए जिसने मांग कर ही अपना जीवन पाला है |
ऐसी किस्मत देना ये सही नहीं है , यह ऊपर वाले का कोई सही न्याय नहीं है | यह अन्याय किया है उसके माता-पिता ने कि जिस उम्र में उसके हाथ में खिलौने होने चाहिए थे उस उम्र में खाली कटोरी पकड़ा दी है | हां मैं मानता हूं कि भगवान तुम्हारा नाम लेने से जिंदगी कट जाती है पर मैं यह भी मानता हूं कि अगर जिंदगी काटनी नहीं अच्छे से गुजारनी भी है तो भगवान के नाम के साथ आपको अच्छे कर्म भी करने पड़ते हैं| क्योंकि वह जितना ज्यादा समय आपका कुछ अच्छा करने में लगाता है उससे कम समय वह आपके बुरे कर्मों का नतीजा निकालने में लगाता है |
इसलिए बस मैं कहना चाहता हूं कि कुछ नहीं से अच्छा है कुछ और, और जहां कुछ है वहां बहुत कुछ है उन बच्चों ने मुझे कुछ तो सीख दी , जिंदगी में कुछ पाने के लिए कितना विनम्र होना पड़ता है | कितने लोगों के पीछे भागना पड़ता है और कितनी चीजें करनी पड़ती है | इसलिए मैं बोलता हूं दौड़ने , भागने और गिरने की जरूरत नहीं है बस जरूरत है तो संभल कर चलने की और खुद को खुश रखने की | .......धन्यवाद





