अपनी किस्मत का पता है मुझे तुम अपनी क्यों खराब कर रहे हो।
मैं पहले ही भूल चुका हूं। तुम्हें तुम मुझे क्यों याद कर रहे हो?
तीन पीढियों से ऊपर जिन्हें नाम नहीं पता,
उनके अब्बू क्या करते थे काम नहीं पता।
वो मंदिर को मस्जिद बात ही देंगे।
कितने बड़े जाहिल है वो जता ही देंगे।
Rat le gayi din le gayi
Ghis ke chirag mera jinn le gayi
Need le gayi Ummid le gayi
Jo bhi pada tha ghar me mere
tu kooda samjh bin le gayi
Ab tu dekr mere nahale pe dahle ja
Baby tu pahle ja
Chhod mera hath tu thalle ja
तेरी उम्मीद का साया बहुत है।
मैंनें इश्क में पाया बहुत है।
ये बेबशी की रातें । ये दिलजली कहानी
जिंदगी ने मुझे रुलाया बहुत है
दो आंखें और बेमिसाल ख्वाब
तेरी आरजू ने सताया बहुत है
देके चंद बोसे की मेहरबानी
इश्क को तूने हर बार ये जताया बहुत है।
गाँव की पगडंडी से स्कूल का रास्ता बहुत था
हमें जिंदा रहने के लिए ये वास्ता बहुत था
खेतों के हरे चेहरे पर पीले फूलों की कुमकुम
खाने में कद्दू और खस्ता बहुत था
मेले की पिपिहीरी में दोस्ती की सांसें गरीबी के बर्तन में जस्ता बहुत था
पापा की जेब में बस खाली कहानी
उम्मीदों को ढ़ोने का बस्ता बहुत था
शाम की हर रोटी में महँगाई की अकडन
सुबह में चाय का नाश्ता बहुत था
जिंदगी में हर तरफ थी बस उलझने ही उलझने
मगर मैं फिर भी हँसता बहुत था।
Tujhi se aaya tha hausala dilon me
Ab mai tujhi pe kurban ho raha hun
Jeet pe to tha sath jamane ka
Magar Har kr bas akeli jaan ro raha hun
Hamare sapne hamari ummid ke chirag ho Tum
Koi Kuchhh bhi kahe magar aag ho tum
Hamne tumhare ragon ka ubal dekha h
Hamne jab dekha tumhara kamal dekha h
जगमग रहे ज़माना अपना
जगमग अपनी फिज़ा रहे
जगमग रहे रात का सपना
जगमग हर एक दिया रहे
जगमग रहे हर राह की मंजिल
जगमग उसपर विश्वास रहे
जगमग निशां रहे पैरों की
जगमग अपनों का साथ रहे
कभी अकेला पड़े जो कोई
जगमग जगमग आश रहे
भले अकेला हो दुनिया में
पर श्री चरणों का दास रहे
कौन देगा मेरे हौसलों की गवाही कौन मेरे साथ इम्तिहान में होगा तुम जिसकी धौंस से डर रहे हो उसका तीर मेरी कमान में होगा।
तने दिन भी नमक खाकर गद्दारी नहीं गई और एक हम हैं कि हमारे खून से यारी नहीं गई।
गर्म हुए दूध को जैसे मलाई बॉंधती है, बहन उस तरह ही भाई की कलाई बाँधती है।
जब कोई तुमसे कहे कि नहीं आएगा और तुम्हें सुनाई दे की नहीं .. आएगा !! तो समझ लेना मोहब्बत हो गई।दौलतों पर एतबार हो गया जब से मोहब्बत बेवफा निकल गई।
हां भाग्य का विधि मानते हैं पर कर्म करना जानते हैं।
अपने पौरुष की शिला पर जब नया प्रण ठानते हैं।
सहस्त्र वर्षों तक हमीने ज्ञान का उपदेश भेजा।
बुझ चुके जीवन में हमने ज्योति का संदेश भेजा।
अब हर एक चिन्मय अपना ही नया आनन दिखेगा
सोच की बंजर जमीं पर चहू ओर कानन दिखेगा
नेहरू हुए गुलजार कभी तो कभी शास्त्री भी गुलजार हुए। इंदिरा जब जब मोर बनी तो चरणों में उनके वार हुए
राजीव हुआ जब देश हमारा
V P बढ़ गया सबका यारा चंद्रशेखर पीवी अटल रहे जब एचडी देवा गुजराल रहे तब
तब से अटल है देश हमारा मनमोहन मोदी का प्यारा
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