शुक्रवार, 1 मई 2020

INKI AANKHON ME GAUR SE DEKHO (kavita)

इनकी आँखों में गौर से देखो ..... 
https://prankeparinde.blogspot.com/


चित्रित तू मैं हूँ रेखा क्रम,
मधुर राग तू मैं स्वर संगम
तू असीम मैं सीमा का भ्रम
काया-छाया में रहस्यमय
प्रेयसी प्रियतम का अभिनय क्या?


तुम मुझमें प्रिय, फिर परिचय क्या!  महादेवी वर्म




जीवन की सहजता को कठिनाई बनने से पहले अगर मनुष्य अपनी मेहनत की झंकार गुँजा दे तो सच में उसका जीवन एक सुखद जीवन हो सकता परन्तु यह दुनिया आपको आसानी से अपने काम भी नहीं करने देगी , पर आपको वो करना है और सत्य के साथ रहना है , क्यूंकि कहा गया है कि " नास्ति सत्य समोधर्मः " ! सत्य स्वे बड़ा कोई धर्म नहीं है | 

....... 

जीवन की इस तन्त्री में झंकार अभी कुछ बाकी है | 
शब्द अभी-अभी सीखा है पर वाक्य बनाने बाकी है || 

अपराधों की बात नहीं
माया की कोई काट नहीं
छोड़ विषय को खुद में डूबे
ऐसा कोई व्यापार नहीं |

यहां धड़ों पर सर दिखतें हैं
जो झूठों के आगे झुकते हैं
इनकी आंखों में गौर से देखो
स्वार्थ भरे कुछ दीप दिखते हैं।

ऐसी दुर्दशा दुनिया में
अच्छी सोच को सोचने वाले
मिलेंगे तुमको फूल तो लेकिन
नहीं मगर वह खिलने वाले।
            प्राण mishra ( pran ke parinde...




मुरझाने का सत्य लिए ही 
         आता है हर फूल चमन में 
पर देकर अपनी खुशबू को 
           फैल जाता सारे गगन में प्राण mishra 
भावभीनी श्रद्धांजलि अभिनेता इरफ़ान जी और ऋषि कपूर जी को
         ॐ शांति

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