शनिवार, 2 मई 2020

Purani Kitab (पुरानी किताब ) kavita

पुरानी  किताब ...... 
 
QUOTE :- नदियों की खूबसूरती किनारों से होती है ! 


💚💚दो  पल  प्यार  के  बिना  जी  नहीं  पायेगा 
दिल अपाहिज है अपनों के बिना चल नहीं पायेगा 💝❤️








आज पुरानी किताबें पलट रहा था 
    तो उसमें लिखा एक खत मिला 
दिल टूटा था वर्षों पहले 
     पर जख्म उतना ही आज मिला 

कुछ थी उसमें मेरी बातें 
 जो मैं तुझसे मिलने पर भूल जाता था  
चंद ख्वाबों के पहलू को 
  जो हर रातों में चूम आता था 

एक लिखी शायरी जो 
       आज भी उतनी ताज़ी है 
मेरी आँखों के आँशु को 
       झरने सी बहा ले जाती है 

चंद लिखे अलबेले शब्द 
    जो इन आँखों में बादल सी ख़ुशी ला रहे हैं 
ख़ुशी हो रही है इतनी की 
      आँखों से आँशु निकले जा रहे हैं 

नज़्म नज़्म सी जो तेरी साँसे 
     होठों को छू जाती थी 
पता नहीं क्या था उनमें जो 
     मेरी आँखें बंद हो जाती थी। , 💙







" अंधेरों ने फिर मुझको धोखा दिया है 
बिना ख़्वाब पुरे , सुबह हो रही है 
तेरी जुल्फों की घटाओं में आये बिना ही 
बिनबात आँखों से बरसात हो रही है  "

♡💙💜💛❤️🎔🖤💗💝


ख़्वाब हैं खुशबू के जैसे 
आँखें हैं गुलाब सी 
ना टपकाना बेवजह आँशु 
ये कीमती हैं महँगे शराब सी 



























💛खूबसूरती के खाँचे में 
  सब दिल फ़साना चाहते हैं 
खुद ब खुद सब उसको 
   बेवफ़ा बनाना चाहते हैं 













 कविता पढ़ने के लिए धन्यवाद ! 
                                  प्राण mishra ( pran ke parinde ...


         prankeparinde.blogspot.com
फूल पर हँसकर अटक तो, शूल को रोकर झटक मत,
ओ पथिक ! तुझ पर यहाँ अधिकार सबका है बराबर !
कोस मत उस रात को जो पी गई घर का सबेरा,
रूठ मत उस स्वप्न से जो हो सका जग में न तेरा,
खीज मत उस वक्त पर, दे दोष मत उन बिजलियों को-
जो गिरीं तब-तब कि जब-जब तू चला करने बसेरा,
सृष्टि है शतरंज औ’ हैं हम सभी मोहरे यहाँ पर
शाह हो पैदल कि शह पर वार सबका है बराबर !
  Gopal das Niraj ji



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