मैं बैठा चुपचाप यहाँ तेरी याद में खोया हूँ।
तेरी मुबहम बातों में बिन जागा बिन सोया हूँ।
इस दुनिया में मर्जी की बातें और कभी तुम कर लेना,
पहले बताओ इस दिल के बदले में क्या पाया क्या खोया हूँ?
अपनी किस्मत पर कभी ऐतबार नहीं करते।
हम जमाने में किसी से एतराज नहीं करते।
कोई आ जाए तो खुशामद में लग जाते हैं।
कोई ना आए तो कभी इंतजार नहीं करते।
कभी लगता है कि करते हैं तुमसे प्यार
कभी लगता है यार!!!! नहीं करते।
इश्क की बारिश में डूबकर मर गए।
हम तुम्हारी याद में ऊबकर मर गए।
क्या दौर है जमाने में मोहब्बत का
हम अपनी ही जात से जूझकर मर गए?


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