आशायें यूँ शून्य न होती ,
विपदाओं का वार ना होता ।
भाग्य की पटरी पर देखो ,
चलता सिर्फ इंतजार ना होता ।
तो दूर तुम्हारा प्यार ना होता ।
दूर हमारा प्यार ना होता ।।
गई दिवस की बीत कहानी ,
कैसा राजा कैसी रानी ।
इन निर्मल आँखों से कोई ,
आँशू का व्यापार न होता ।
तो दूर तुम्हारा प्यार ना होता।
दूर हमारा प्यार ना होता।।
पँछी के तो भाग्य में देखो
गगन की ऊंची वीरानी है।
सागर की लहरों पर देखो,
तटों की गहरी निगरानी है।
ऐसी विवश कहानी में फिर
संघर्षों का संसार ना होता।
तो दूर तुम्हारा प्यार ना होता ।
दूर हमारा प्यार ना होता।।
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