बुधवार, 30 अगस्त 2023

युद्ध में धर्म प्यार में त्याग सीखा

 


बनके तन्हाई कुरेद देता है 

मोहब्बती जख्म को कुरेद देता है 

मैं जैसे ही फूलने लगता हूँ उसको 

कोई यादों में उसकी तस्वीर उड़ेल देता है


हो कहीं जख्म तो दीदार रहना चाहिए। 

मांगे कोई मोहलत तो इंतजार रहना चाहिए।  

लौटकर गया है अभी साहिलों से दरिया मगर 

आने वाली लहरों से खबरदार रहना चाहिए।


रफ्ता रफ्ता हम जिंदगी की उस कहानी में गए 

जिस कहानी में कोई उम्मीद के बादल नहीं थे 

जिस कहानी में कोई सांझ के काजल नहीं थे 


नेहरू हुए गुलजार कभी तो कभी शास्त्री भी गुलजार हुए। 

इंदिरा जब जब मोर बनी तो चरणों में उनके वार हुए 

राजीव हुआ जब देश हमारा 

V P बढ़ गया सबका यारा 

चंद्रशेखर पीवी अटल रहे जब एचडी देवा गुजराल रहे तब 

तब से अटल है देश हमारा मनमोहन मोदी का प्यारा


देख लो ऐ जग के तारों हम तुम्हारे घर में हैं

 ख्वाब छोड़ो नींद तोड़ो हम तुम्हारे घर में हैं

 हमने तुमको खोजा निकला

 भेज नियति का प्रेम प्याला

 जग हमें कहता रहा

 तुच्छता का एक निवाला

 पर हमीं ने तप से अपने

 पर हमीं ने जप से अपने

 बना दिये चहू ओर शिवाला


 हमने तुमको खोजा निकला

 बेज नियति का प्रेम प्याला

 हां भाग्य की विधि मानते हैं पर कर्म करना जानते हैं।

अपने पौरुष की शिला पर जब नया प्रण ठानते हैं।

सहस्त्र वर्षों तक हमीने ज्ञान का उपदेश भेजा।

बुझ चुके जीवन में हमने ज्योति का संदेश भेजा।

अब हर एक चिन्मय अपना ही नया आनन दिखेगा

सोच की बंजर जमीं पर चहू ओर कानन दिखेगा



इतने दिन भी नमक खाकर भी गद्दारी नहीं गई 

और एक हम हैं कि हमारे खून से यारी नहीं गई।


गर्म हुए दूध को जैसे मलाई बॉंधती है, 

बहन उस तरह ही भाई की कलाई बाँधती है।


जब कोई तुमसे कहे कि नहीं आएगा और तुम्हें सुनाई दे की नहीं .. आएगा !! 

तो समझ लेना मोहब्बत हो गई।


दौलतों पर एतबार हो गया 

जब से मोहब्बत बेवफा निकल गई।


कौन देगा मेरे हौसलों की गवाही 

कौन मेरे साथ इम्तिहान में होगा 

तुम जिसकी धौंस से डर रहे हो 

उसका तीर मेरी कमान में होगा।


एक वक्त था कि हम दोनों साथ चलते थे 

दोनों की आंखों में इंतजार चलते थे 

पर ये क्या हुआ कि वक्त ने तमाशा कर दिया 

हम दोनों को जुदा बेतहाशा कर  दिया 


 युद्ध में धर्म प्यार में त्याग सीखा 

हमने अपने बुजुर्गों से ये बात सिखा। 


जब तक थे सफ़र में मंजिल की आस रखा 

जब मिल गई, मंजिल तो सफर की प्यास रखा।


बात रखते हैं मुख पर कभी चुगली नहीं करते। 

कैसी भी हो खाज मगर खुजली नहीं करते।


दिल और रूह की परछाई है दोस्ती   

आलस में उपजी हुई अंगड़ाई है दोस्ती   

दोस्ती जिंदगी के जरूरतों के वास्ते नहीं हैं 

दोस्ती उस मुकाम पर हैं जहां रास्ते नहीं है 

दोस्त है तो समंदर सा हौसला है हमने

दोस्त है तो जीवन का हर फैसला है हमने 

दोस्ती टूटे तो जैसे हम खुद ही टूट गए 

दोस्त रूठे तो जैसे हम खुद ही रूठ गए 

दोस्त हर रास्ते के कंधे 

दुख में मिलाप हैं दोस्ती  

जिंदगी के हर गाने के अलाप हैं दोस्ती

दोस्त है तो फलक में खुशबू है ज़हान की 

दोस्त है तो फिर क्या जरूरत है सम्मान की


लुत्फ होठों पर सिमट गया है तेरे

 बेबसी लफ्जों में नाच रही है मेरी 

आंखें रो रो कर कर रही है सबसे  

मुझको याद आ रही है तेरी।


आशायें यूँ शून्य न होती , 

विपदाओं का वार ना होता ।

भाग्य की पटरी पर देखो , 

चलता सिर्फ इंतजार ना होता ।


तो दूर तुम्हारा प्यार ना होता ।

दूर हमारा प्यार ना होता ।।


गई दिवस की बीत कहानी ,

कैसा राजा कैसी रानी ।

इन निर्मल आँखों से कोई ,

आँशू का व्यापार न होता ।


तो दूर तुम्हारा प्यार ना होता। 

दूर हमारा प्यार ना होता।। 


पँछी के तो भाग्य में देखो 

गगन की ऊंची वीरानी है। 

सागर की लहरों पर देखो, 

तटों की गहरी निगरानी है। 

ऐसी विवश कहानी में फिर 

संघर्षों का इंतजार ना होता। 


तो दूर तुम्हारा प्यार ना होता ।

दूर हमारा प्यार ना होता।।

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