शुक्रवार, 2 मई 2025

 अगर नहीं मगर लिखूँगा 

इश्क़ को बस नज़र लिखूँगा 

तुम अगर नहीं मिले तो 

तुम्हारे नाम का घर लिखूँगा 

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