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मैं अब तन्हाई का मारा हुआ हूँ
माँ कहती थी क्या प्यारा हुआ हूँ
पानी जो इश्क़ का गुज़रा है बीच से
उससे तो बस किनारा हुआ हूँ
होने को सूरज भी हो सकता था लेकिन
ब मुश्किल से बस सितारा हुआ हूँ
न जाने अब क्या निकलेगा मुझसे
ऐसा एक जादुई पिटारा हुआ हूँ
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