इन हसरतों को दिल से निकाल दीजिए
मेरे दिल को दिल से लगा लीजिए
न जख्मों की दवा कोई
न रोने की कहानी है
मेरे होने से ज्यादा तो
मेरे खोने की कहानी
फूल से खुशबू की जमानत हो जैसे
आप मेरे दिल की अमानत हो जैसे
मैं तुम्हें ना देखूं तो लगता है ऐसे
इस जहां में फैली कयामत हो जैसे
मैं तुमको कल भी चाहूंगा
भले तुम आज मत होना
सुनो एक बात कहनी थी
तुम नाराज मत होना
छूकर मेरे बदन को आब कर दिया
उसने मेरे दिल को गुलाब कर दिया


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