ये दहकता नूर जबसे नज़र की जुंबिश में आ गया
तबसे उजालों से पनाह मांग रहा हूँ मैं
तू जो हो सामने तो पलकों को झपकने नहीं देता,
साँसें पूछतीं हैं इशारों में मगर झूमने नहीं देता।
हाँ देता हूँ धड़कनों को थोड़ी सी इजाजत
फिर दिल को हौले से तेरा होने नहीं देता।
मौसम है हिज्र का तो बरसने दो आँसू
मैं आँखों को लबालब कभी होने नहीं देता।
एक दिन मैंने देखा था तेरे हाथों में लहू ;
तब से ही रगों में इसे दौड़ने नहीं देता।
जिसने फूल कभी कुदरत को भी नहीं चढ़ाएं।
वो शख्स तेरे लिए गुलदस्ता लेकर खड़ा था।
मेरी जिंदगी में मोहब्बत की लड़ाई अलग थी।
मैं ज़माने से ज्यादा अपने आप से लड़ा था।
आंसुओं से भीग कर बुझ गई है सिगरेट मेरी।
तुम क्या जानोगे कैसी है रिग्रेट मेरी?
कम खर्चे में जिंदगी जीने वाले
जा तू हर मोड़ पर आबाद रहेगा।
संजीदा चेहरा उलझी हुई दाढ़ी कम भौंहें,
ये चेहरा देख तुझे याद रहेगा।
किसी मुकम्मल ख्वाब के जैसा
मैं दिखता हूँ बिल्कुल आपके जैसा।
इस कदर झूठ का इंतजाम कर दिया है;
भाई ने पैजामे को पैगाम कर दिया है ।
जिसे दी थी हमने सच को सम्भालने की जिम्मेदारी ,
उसी ने उसे नीलाम कर दिया है ।
जख्म दर जख्म की मुझको कहानी होने दो।
प्यास का क्या है मुझको तो बस पानी होने दो।
ये जो मिलकियत देकर गई हो तुम मेरी आँखों को
मैं इतनी बड़ी जागीर का हकदार तो नहीं
तुम्हें देखकर लोग अब अकीदे पढ़ रहे हैं
तुम्हें पा लेने का अब कोई हकदार तो नहीं
मेरी धड़कनों से रिश्ता है तेरा ,
तेरी रूह का बयान हूँ मैं ;
मेरी हथेलियों की रेखाएं कहती है।
मोहब्बतों वाला इंसान हूँ मैं ।
मेरी आंखों में दस्तरस है जो ,
उसी सच का निजाम हूँ मैं ;
तुम जिस दौर में जी रहे हो ना ,
उसी दौर का अंजाम हूँ मैं।
मेरी तासीर उजालों जैसी है,
मैं जहां भी रहूंगा, चमकता रहूंगा।
किसी दिन जिम्मेदारियों से हटकर
जब वक्त की पीठ हौले से थपथपा कर बैठोगी
तब बीते हुए वक्त के समुंदर से यादों की एक लहर
तुम्हारे ज़हन से टकराएगी।
फिर तुम अपने दाएं हाथ की हथेली पर चेहरा रखकर
उस वक्त को याद करोगी
और अपने चेहरे पर बालों का बिखराव होने दोगी
क्योंकि तुम्हें पता है।
मुझे तुम्हारे चेहरे पर बिखरे हुए बाल अच्छे नहीं लगते।
मैंने कितनी बार तुम्हारे बाल सही किए थे
और तुमने कितनी बार उसे जान करके खराब
और हां वो तुम्हारे होंठ जो तुम्हारे मन का दर्पण है।
अगर वह आगे हैं तो नाराजगी
पीछे हैं तो कटार
बीच में है तो बातें
मेरे पास है तो प्यार
और भी तो होंगी कई बातें
जिन्हें सोचने के लिए तुम्हारी मर्यादाएं इजाजत नहीं देंगी
और ना ही तम्हारी धड़कन संगीत।
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