मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है
हर पहलू में जिंदगी का इम्तिहान होता है
डरने वालों को मिलता नहीं कुछ भी
लड़ने वालों के कदमों में जहां होता है
ये राहें ले ही जाएंगी मंजिल तक हौसला रखो
कभी सुना है कि अंधेरों ने सवेरा होने नहीं दिया
हौसले की तरकश में कोशिशों का वो तीर जिंदा रखो
हार जाओ चाहे जिंदगी में सब कुछ लेकिन फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रखो
जलते दिए से रोशनाई आयी
बदला मौसम तो अँगड़ाई आयी
मेरे माथे पे ये विजय की लकीरें
कई जंग लड़ने के बाद आयी
राह पकड़ा हूँ कठिनाइयों की
जरूर जिंदगी आसान होगी
भंवर से कैसे बच पाया किसी पतवार से पूछो
हमारा हौसला पूछों,तो फिर मझधार से पूछो
बुझते चराग़ों को रोशनी बाँटी
मुरझाए फूलों को ज़िन्दगी बाँटी
आसमा कम पड़ रहा था चाँद को
तो हमनें अपनें दिल के ये जमीं बाँटी
उसनें माँगा था सिर्फ़ कंधा मुझसें
दरिया से आँखों की नमी बाँटी
रौनक़ें दीवार की तभी देखेगी दुनिया ,
जब हम नीव के पत्थर जमी में धँसे रहेंगे।
किसी भी बड़ी और अच्छी इमारत की कल्पना बिना अच्छी नींव के संभव नहीं है उसी प्रकार आईआईटी और NEET के एग्ज़ाम में सफलता बिना foundation के संभव नहीं है
आपने जो दिखाया है वही प्यार व्यक्त करते हैं
हम आपके यहाँ आने का आभार व्यक्त करते हैं…..
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें