सोमवार, 28 अप्रैल 2025

लड़ने वालों के कदमों में जहां होता है

 मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है

हर पहलू में जिंदगी का इम्तिहान होता है 

डरने वालों को मिलता नहीं कुछ भी 

लड़ने वालों के कदमों में जहां होता है


ये राहें ले ही जाएंगी मंजिल तक हौसला रखो 

कभी सुना है कि अंधेरों ने सवेरा होने नहीं दिया


हौसले की तरकश में कोशिशों का वो तीर जिंदा रखो 

हार जाओ चाहे जिंदगी में सब कुछ लेकिन फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रखो



जलते  दिए से रोशनाई आयी 
बदला मौसम तो अँगड़ाई आयी 
मेरे माथे पे ये विजय की लकीरें 
कई जंग लड़ने के बाद आयी 

राह पकड़ा हूँ कठिनाइयों की 
जरूर जिंदगी आसान होगी 

भंवर से कैसे बच पाया किसी पतवार से पूछो 
हमारा हौसला पूछों,तो फिर मझधार से पूछो 

बुझते चराग़ों को रोशनी बाँटी 
मुरझाए फूलों को ज़िन्दगी बाँटी 
आसमा कम पड़ रहा था चाँद को 
तो हमनें अपनें दिल के ये जमीं बाँटी 
उसनें माँगा था सिर्फ़ कंधा मुझसें 
दरिया से आँखों की नमी बाँटी 

रौनक़ें दीवार की तभी देखेगी दुनिया ,
जब हम नीव के पत्थर जमी में धँसे रहेंगे। 

किसी भी बड़ी और अच्छी इमारत की कल्पना बिना अच्छी नींव के संभव नहीं है उसी प्रकार आईआईटी और NEET के एग्ज़ाम में सफलता बिना foundation के संभव नहीं है 

आपने जो दिखाया है वही प्यार व्यक्त करते हैं 
हम आपके यहाँ आने का आभार व्यक्त करते हैं…..

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