गुरुवार, 9 मार्च 2023

देते हैं इम्तिहान दिल मगर फेल नहीं होते...

 


लफ्जों की सड़क से कहीं दूर आ मिले। 

आ सांसो की दहक से कहीं दूर आ मिले। 

आ मिले वहां की जहां जुदाई के खेल नहीं होते। 

देते हैं इम्तिहान दिल मगर फेल नहीं होते।

जहां रूह पर पर्दे की चमक नहीं होती, 

उजाले में अंधेरों की धमक नहीं होती 

नहीं होती निगाहों से बाहर की दुनिया 

नहीं होती जहां शहादत की दुनिया 

जहां झूठ के कोई जादू नहीं होते। 

जुल्म के मजबूत बाजू नहीं होता। 

आ मिले वहां जहां झरने निकलते हैं 

आ मिले वहां जहां लम्हे संभालते हैं।


भर दिया है कान हवाओं का गूलों ने 

अब हर जगह फैल जाएगा अफसाना प्यार का।

तू इस तरह न देख किसी चेहरे की याद को 

बुरा मान जाएगा हर लम्हा इंतजार का।।




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