सोमवार, 24 जनवरी 2022

24 jan

 छोड़ना ही है जिसे उसे मंजूर मत करो ,

मोहब्बत के नाम पे ये कुसूर मत करो ,,


अब लगी है चोट दिल पे तो रोते क्यूँ हो ,

मैंने तो पहले ही कहा था हुजूर मत करो ,,


आ रही है याद तो उसकी तसवीर मत देखो,

बैठ जाएगा ये ज़ख्म इसे नासूर मत करो ,,


बहुत ज़्यादा दूरी का मैं तरफदार तो नहीं ,

पर बहुत पास आकर भी उसे दूर मत करो,,


चल जाता है काम तो बस कॉल से चला लो ,

यूँ रोज-रोज मिलने के लिए मजबूर मत करो,,


मिला है जिश्म तो फूलों से सलाहियत लो ,

खामखाँ इस लहर पर बहुत गुरूर मत करो ,,


वैसे तो एक मुझसा दीवाना बहुत है शहर में ,

यूँ हर जगह मुश्कुरा के खुद को हूर मत करो,,


#prankeparinde




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